Indore Master Plan : Invest wisely for a Golden Future

इंदौर का मास्टर प्लान (Indore Master Plan)

इंदौर का मास्टर प्लान शहर के भविष्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज़ है। यह कोई साधारण नक्शा नहीं, बल्कि एक व्यापक रणनीति है जो यह तय करती है कि अगले कई सालों में इंदौर कैसे विकसित होगा।

Swastik Grand: Hatod Aur Sungir ke Beech, Indore ki Sabse Behtareen Investment Destination

परिचय: नमस्कार दोस्तों! यदि आप इंदौर में एक ऐसे प्लॉट की तलाश में हैं जो आपको शानदार रिटर्न दे, जहाँ आपका परिवार शांति से रह सके, और जो शहर के विकास के साथ कदमताल मिलाए, तो आपकी तलाश यहीं खत्म होती है! आज हम बात करने वाले हैं स्वस्तिक ग्रैंड की – एक भव्य टाउनशिप जो Hatod और Sungir के पास स्थित है, और जो निवेश के लिए एक अद्वितीय अवसर प्रदान करती है। आइए जानते हैं कि स्वस्तिक ग्रैंड में प्लॉट खरीदना आपके लिए क्यों फायदेमंद है और यहाँ भविष्य की ग्रोथ की कितनी संभावनाएं हैं।

यह मास्टर प्लान निम्नलिखित मुख्य बातों पर ध्यान केंद्रित करता है

  • Zoning (क्षेत्रीकरण): यह तय करता है कि शहर के कौन से हिस्से आवासीय (residential), वाणिज्यिक (commercial), औद्योगिक (industrial) या सार्वजनिक उपयोग (public use) के लिए हैं। यह सुनिश्चित करता है कि विकास व्यवस्थित तरीके से हो।

  • Infrastructure (बुनियादी ढाँचा): इसमें शहर की सड़कों, पुलों, पानी की आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम और बिजली नेटवर्क को सुधारने और विस्तारित करने की योजनाएँ शामिल होती हैं।

  • Connectivity (कनेक्टिविटी): यह शहर के विभिन्न हिस्सों और बाहरी क्षेत्रों को जोड़ने के लिए नए रास्तों और परिवहन प्रणालियों की योजना बनाता है। सुपर कॉरिडोर जैसी बड़ी परियोजनाएँ इसी मास्टर प्लान का हिस्सा हैं।

  • Population Growth (जनसंख्या वृद्धि): मास्टर प्लान शहर की बढ़ती आबादी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए आवास और सुविधाओं की योजना बनाता है।

2. Indore Master Plan: Shehar Ke Vikas Ka Aadhar

किसी भी विकसित शहर के लिए, मास्टर प्लान उसकी प्रगति का आधार होता है। इंदौर का मास्टर प्लान 2021 एक दूरदर्शितापूर्ण दस्तावेज़ है, जो अगले कई वर्षों के लिए शहर के विकास को दिशा देता है। इस प्लान में विभिन्न क्षेत्रों को आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे शहर का विकास व्यवस्थित और कुशल तरीके से हो सके। किसी भी संपत्ति में निवेश करने से पहले मास्टर प्लान को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही आपके निवेश की सुरक्षा और भविष्य में उसके मूल्य को सुनिश्चित करता है।

मास्टर प्लान के मुख्य उद्देश्य

  • सुनियोजित विकास (Planned Development): इसका सबसे बड़ा लक्ष्य शहर को अव्यवस्थित (unplanned) तरीके से बढ़ने से रोकना है। हर क्षेत्र को एक विशेष कार्य के लिए निर्धारित किया गया है, जैसे:

    • आवासीय क्षेत्र: जहाँ लोग रहेंगे। यहाँ स्कूल, अस्पताल, और पार्क जैसी सुविधाओं का विकास भी इसी योजना के तहत होता है।

    • वाणिज्यिक क्षेत्र: व्यापार, दुकानें, और दफ्तरों के लिए।

    • औद्योगिक क्षेत्र: फैक्ट्री और उद्योगों के लिए, जैसे कि पीथमपुर और एसईजेड।

    • पब्लिक और सेमी-पब्लिक क्षेत्र: सरकारी कार्यालय, कॉलेज, और अन्य जन सुविधाओं के लिए।

  • बुनियादी ढाँचे में सुधार (Infrastructure Improvement): इस योजना में आने वाले समय की जरूरतों के हिसाब से सड़कों, पुलों, बिजली, पानी, और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना शामिल है।

इंदौर मास्टर प्लान 2021 — मुख्य बदलाव और लाभ

प्रमुख बदलाव (Changes)

  • भूमि उपयोग का स्पष्ट विभाजन:

    • आवासीय: ~15,795 हेक्टेयर (46%)

    • वाणिज्यिक: ~2,610 हेक्टेयर

    • औद्योगिक: ~2,527 हेक्टेयर

    • परिवहन (सड़क आदि): ~5,605 हेक्टेयर

    • मनोरंजन: ~4,817 हेक्टेयर

    • सार्वजनिक उपयोग: ~2,693 हेक्टेयर

      • हाउसिंग सोसाइटी नियमों में बदलाव:

        • न्यूनतम प्लॉट साइज़ और 10% खुला क्षेत्र अनिवार्य

        • ग्रुप हाउसिंग के लिए FAR 1:1.5 निर्धारित किया गया

        • कम घनत्व वाले क्षेत्र में FAR 1:0.15 और ऊँचाई सीमा 7.5 मीटर 

      • महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर उपाय:

        • भूमिगत सीवेज नेटवर्क (अभी सिर्फ 35%) का विस्तार

        • वर्षा जल संचयन को दोषपूर्ण भवनों में अनिवार्य बनाना

        • TDR (Transferable Development Rights) का शुल्क और नियम शामिल
          housing

          • विकास में संतुलन: आवास, वाणिज्य, आर्थिक गतिविधियों, मनोरंजन और सार्वजनिक उपयोग में संतुलन स्थापित हुआ।

          • पर्यावरण संरक्षण: वर्षा जल संचयन और सीवेज के बेहतर प्रबंधन से न केवल पर्यावरण सुधारे, बल्कि शहर का पानी और स्वच्छता स्तर भी बेहतर होगा।

          • शहर नियोजन में सुधार: सही ज़ोनिंग से अनियंत्रित विस्तार और अवैध निर्माण पर रोक लगी। FAR और ग्रुप हाउसिंग नियमों से इमारतों की डिज़ाइन और उपयोग बेहतर हुआ।

          • लंबी अवधि का विकास रोडमैप: Master Plan 2021 ने इंदौर के विस्तार और फिर 2035-अगले ड्राफ्ट के विकास की नींव रखी।

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